गोरखपुर ब्यूरों । शुद्ध पेयजल और जल जनित बीमारियों को लेकर जहां सरकार गंभीर है और उस पर लाखों करोड़ों रुपया खर्च किया जा रहा है वही जिले के नगर क्षेत्र में स्थित अंधियारी बाग प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। इस प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में लगा एकमात्र इंडिया मार्का हैंड पंप खुद ही बीमार है और इस बीमार हैंडपंप से बालू के साथ पीला पानी निकलता है जिसको बच्चे पीते भी हैं और इसी पानी का उपयोग मिड डे मील बनाने में भी किया जाता है । बता दें कि इस विद्यालय में 93 बच्चों का पंजीयन है और 5 कक्षाएं चलती है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन पांच कक्षाओं के बच्चे एक ही कमरे में बैठकर पढ़ते हैं और इन्हें पढ़ाने के लिए एक प्रधानाध्यापक और एक शिक्षा मित्र की नियुक्त है। पेयजल के अलावा अगर यहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की बात करें तो विद्यालय का भवन और शौचालय भी जर्जर स्थिति में हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक देवेंद्र प्रताप ने बताया कि गंदे पानी के लिए उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत की गई हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। वहीं बीएससी बी0एन0 सिंह से बात की गई तो उन्होंने नगर शिक्षा अधिकारी को लाइन पर लेकर बात कराई तो नगर शिक्षा अधिकारी ने कहा कि मैं मौके पर आकर जांच करूंगा। दूषित जल को पीने के लिए इस्तेमाल किए जाने के संबंध में जब जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर बीके सुमन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अशुद्ध और दूषित जल पीने से पेट संबंधी तमाम बीमारियों के अलावा पीलिया और मियादी बुखार जैसी बीमारियां हो सकती हैं खासतौर से ऐसे जल को पीने से बच्चे संक्रमित हो सकते हैं। वहीं जिले के मुखिया जिलाधिकारी के0 विजयेंद्र पांडियन ने मामले को देखने की बात कही है।



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