आँगनवाड़ी सेविकाओं ने थाली पीट कर किया विरोध।

रिपोर्टर -धर्मपाल पटेल
         पी न्यूज़

वैशाली:-बिदूपुर बिहार राज्य आंगनवाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अपने 15 सूत्री मांगों के समर्थन में आज 29 वे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहा। प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष सविता कुमारी ने सुबे की सभी सेविका सहायिका ने 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री समाज सह् समाज कल्याण मंत्री का अर्थी जुलूस रैली के साथ, शव यात्रा निकालकर पुतला दहन किया था। वही धरना को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सविता कुमारी यादव ने बताया कि सेविका सहायिका बहने, अपने 15 सूत्री मांगों के समर्थन में, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर अड़े है। हड़ताल के दौरान अभी तक सरकार से चौथा चरण का वार्ता भी असफल हुई ।सरकार पहले हड़ताल तोड़ने के पश्चात ,वार्ता करने की हठधर्मिता पर है, जिसे हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। यह हमारे मौलिक अधिकार पर हमला है ।सेविका /सहायिका  भिक्षा टन करते हुए परियोजना कार्यालय से गांधी चौक होते हुए प्रखंड कार्यालय पर पहुंचते हुए नारा लगाए कि जो अधिकार दिलाएगा ,वही बिहार चलाएगा ।जो देगा आवाद रहेगा ,नहीं देगा बर्बाद रहेगा । भूख लगी है खाना दो ।प्यास लगी है ,पानी दो । पीएम सीएम सोता है, मेरा बच्चा रोता है । खून पसीना लेते हो ,वेतन देते रोते हो। आज हम लोगों की ऐसी परिस्थिति हो गई है कि सभी विभागों व वर्गों के लोगों को सेवा देते देते ,आज खुद अपने वह अपने बच्चों के पेट पालने के लिए भिक्षा मांगने को मजबूर हो गई हूं। जब भीख ही मांगनी पड़ी, तो ऐसी सरकार हमें मंजूर नहीं ।आज पूरे बिहार की बेटी सड़कों पर भीख मांग रही है ,लेकिन बिहार सरकार सत्ता सुख में इतनी अंधी हो गई है कि उन्हें बिहार की बेटी बहू की भूख नहीं दिख रही। उसकी इज्जत नहीं दिखाई दे रही है ,तो क्यों बेटियों व नारी सशक्तिकरण पर राजनीति करते हैं। अगर हम लोगों को अन्य राज्यों की भांति अतिरिक्त राशि, बिहार सरकार से संतुष्ट नहीं होंगे, तो सरकार को नींद हराम करने जैसी मजबूत और उग्र आंदोलन के लिए हम विवश होंगे। सरकार हमें अवला समझने की भूल ना करें। अब हम लोग बेवकूफ नहीं बनने वाले। विद्यालय में शिक्षक 6 घंटे काम करते हैं, बड़े बच्चों के साथ। आंगनवाड़ी कर्मी 5 घंटे काम करते हैं छोटे बच्चों के साथ। फिर भी हमें अंशकालीन कहा जाता है। जो काम सब विभाग छोड़ दे वह सब आंगनवाडी करती है। कोई ऐसा विभाग नहीं कि बच्चों के गर्भ से शुरू हो ,तब से प्रारंभ होकर मनुष्य के मृत्यु तक काम करें। ऐसा कोई नहीं है वह आंगनवाड़ी है ,जो बिना उफ किए सारे कार्यों को करते हैं। ICDS के 6 सेवाएं में सिर्फ दो सेवाएं ही आंगनवाड़ी केंद्र पर दी जाती है ।स्कूल पूर्व शिक्षा और पूरक पोषाहार ।बाद बाकी चार सेवाएं केंद्र के समय के बाद दी जाती है। फिर अंशकालीन कैसे? 
 धरना प्रदर्शन के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी बिदुपुर  के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया। आज के प्रदर्शन में अंजना कुमारी, सरोज वाला कुमारी, सुनीता कुमारी, विभा कुमारी, अर्चना कुमारी, रेखा, गीता कुमारी, कामिनी कुमारी ,अनिता कुमारी ,ज्योति कुमारी, इंदिरा कुमारी, लवली कुमारी ,मंजू ,फूलकुमारी सहित सैंकडो सेविका सहायिकाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

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