नई दिल्ली। पूरे देश में गर्मी से लोगों को जीना बेहाल हो गया है। अब भीषण गर्मी के बीच मौसम का पूर्वानुमान देने वाली एजेंसी ने एक राहत की खबर दी है। 'स्काईमेट' के वरिष्ठ वैज्ञानिक समर चौधरी ने बताया कि अगले 48 घंटों के भीतर केरल में मानसून पहुंच सकता है
। हालांकि, उन्होंने बताया कि इस साल मानसून कमजोर रहेगा। अल नीनो और ग्लोबल वॉर्मिग की वजह से इस साल मानसून कमजोर रहने की उम्मीद जताई गई है।
 वहीं बताया गया कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मानसून पहुंचने की सामान्य तिथियां जून के आखिरी हफ्ते में पड़ती हैं। लेकिन इस बार यह करीब 10-15 दिन की देरी से यहां पहुंचेगा। वैज्ञानिक के अनुसार, उम्मीद है कि मानसून की बारिश करीब 93 प्रतिशत रहेगी जो औसत से कम है।

चौधरी ने बताया कि यह पिछले 65 वर्षों में दूसरा सबसे सूखा साल है। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले की सामान्य बारिश 131.5 मिमी है जबकि अब तक यह बारिश सिर्फ 99 मिमी रिकॉर्ड की गई है। अल नीनो प्रभाव की वजह से यह स्थिति बनी है और यह मानसूनी बारिश पर भी असर डालेगा। नमी लाने वाली पुरबिया हवाओं ने उत्तर भारतीय राज्यों में बढ़ते तापमान को नियंत्रण में रखा है, लेकिन गर्म हवाओं की वजह से तापमान में फिर वृद्धि होगी।
 क्षेत्रीय चक्रवात चेतावनी केंद्र (ACWC), कोलकाता ने चेतावनी जारी करते हुए बताया था कि बुधवार शाम    के बाद पश्चिम बंगाल में नदी के पास वाले इलाके यानी हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों के कुछ हिस्से में आंधी और बारिश की संभावना है।

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