पूर्व विधायक को उम्र कैद की सजा, 25 हजार रुपया आर्थिक दंड
समस्तीपुर से कृष्णा कुमार संजय के साथ एम नईमुद्दीन आज़ाद की रिपोर्ट !
समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के बिथान थाना के छेछनी गांव के 2005 में एक दलित महिला मंजू देवी की हुई हत्या के चर्चित मामले में हसनपुर विधानसभा से दस साल तक राजद के विधायक रहे सुनील कुमार पुष्पम को सोमवार को समस्तीपुर तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रणव कुमार झा की अदालत से आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई न्यायालय से मिली जानकारी के मुताबिक 2 अगस्त 2005 को दलित महिला मंजू देवी को विधायक और उनके लोगों द्वारा बन्दूक के कुंदे से मारपीट कर जख्मी करने का आरोप लगाते हुए बिथान थाना में मंजू देवी की गोतनी कबूतरी देवी के फर्द बयान पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। घटना के चार दिन बाद ही 6 अगस्त को घायल महिला मंजू देवी की मौत उपचार के दौरान हो गई थी। तब से मामला रोसड़ा कोर्ट में चला फिर फिलहाल जिला न्यायालय समस्तीपुर में चल रहा था। हत्याकांड की सुनवाई में सरकारी वकील के तौर पर एपीपी गौरी शंकर मिश्रा और बचाव पक्ष के तरफ से वरीय अधिवक्ता परमेश्वरी सिंह ने हिस्सा लिया। सजा सुनाए जाने के बाद पूर्व विधायक सुनील कुमार पुष्पम ने हालांकि अपने आप को निर्दोष बताया है और कहा कि वे अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा की अपने अधिवक्ता से राय लेकर इस फैसले के विरोध में उच्च अदालत में अपील करेंगे। आज के फैसले के बाद राजनीतिक गलियारे में इस बात की चर्चा जोड़ शोर से चलने लगी है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में सुनील कुमार पुष्पम चुनाव नही लड़ पाएंगे। चूंकि लगातार वे अपने हसनपुर विधानसभा में चुनावी तैयारी को लेकर सक्रिय थे, इतना ही नही उन्होंने 2019 की लोकसभा चुनाव में भी महागठबंधन के प्रत्याशी वीआईपी पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी के पक्ष में चुनाव प्रचार किया था।
समस्तीपुर से कृष्णा कुमार संजय के साथ एम नईमुद्दीन आज़ाद की रिपोर्ट !
समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के बिथान थाना के छेछनी गांव के 2005 में एक दलित महिला मंजू देवी की हुई हत्या के चर्चित मामले में हसनपुर विधानसभा से दस साल तक राजद के विधायक रहे सुनील कुमार पुष्पम को सोमवार को समस्तीपुर तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रणव कुमार झा की अदालत से आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई न्यायालय से मिली जानकारी के मुताबिक 2 अगस्त 2005 को दलित महिला मंजू देवी को विधायक और उनके लोगों द्वारा बन्दूक के कुंदे से मारपीट कर जख्मी करने का आरोप लगाते हुए बिथान थाना में मंजू देवी की गोतनी कबूतरी देवी के फर्द बयान पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। घटना के चार दिन बाद ही 6 अगस्त को घायल महिला मंजू देवी की मौत उपचार के दौरान हो गई थी। तब से मामला रोसड़ा कोर्ट में चला फिर फिलहाल जिला न्यायालय समस्तीपुर में चल रहा था। हत्याकांड की सुनवाई में सरकारी वकील के तौर पर एपीपी गौरी शंकर मिश्रा और बचाव पक्ष के तरफ से वरीय अधिवक्ता परमेश्वरी सिंह ने हिस्सा लिया। सजा सुनाए जाने के बाद पूर्व विधायक सुनील कुमार पुष्पम ने हालांकि अपने आप को निर्दोष बताया है और कहा कि वे अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा की अपने अधिवक्ता से राय लेकर इस फैसले के विरोध में उच्च अदालत में अपील करेंगे। आज के फैसले के बाद राजनीतिक गलियारे में इस बात की चर्चा जोड़ शोर से चलने लगी है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में सुनील कुमार पुष्पम चुनाव नही लड़ पाएंगे। चूंकि लगातार वे अपने हसनपुर विधानसभा में चुनावी तैयारी को लेकर सक्रिय थे, इतना ही नही उन्होंने 2019 की लोकसभा चुनाव में भी महागठबंधन के प्रत्याशी वीआईपी पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी के पक्ष में चुनाव प्रचार किया था।


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