नालंदा से शंकर दयाल शर्मा की रिपोर्ट - जब तक सूरज चाँद रहेगा तब तक रौशन तेरा नाम रहेगा के नारों के बीच नालंदा के शहीद हुए जवान रौशन को अंतिम विदायी दी गई । छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के पुलपास कैंप के समीप बुधवार को नक्सलियों द्वारा किए गए ब्लास्ट में सीआरपीएफ जवान नालंदा थाना के फतेहपुर गांव निवासी रौशन कुमार शहीद हो गए थे। गुरुवार की दोपहर सीआरपीएफ के जवान तिरंगे में लपेट अपने शहीद साथी का पार्थिव शरीर लेकर, उनके गांव पहुंचे। पार्थिव शरीर आते ही नालंदा वासियों का सैलाब गांव में उमड़ पड़ा। नालंदा के बेटे की शहादत पर जिलेवासियों की आंखें नम थी। वीर सपूत के आखिरी दर्शन के लिए लोग सुबह से इंतेजार कर रहे थे। छतीसगढ़ से शहीद का शव हवाई जहाज से पटना लाया गया था। पटना से सीआरपीएफ की वाहन में शव गांव पहुंचा था। शव पहुँचते ही पूरे गाँव का माहौल गमगीन हो गया । अपने लाल की एक झलक देखने के लिए आतुर दिखे । राजकीय सम्मान के साथ शहीद को आखिरी विदाई दी गई।
पार्थिव शरीर लाए जाने के पहले ग्रामीण कार्य विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार, सूचना एवं प्रसारण मंत्री नीरज कुमार ,राजगीर सीआरपीएफ कैंप के प्राचार्य ब्रिगेडियर के. बिरेंद्र सिंह, कमांडेंट मो. अब्दुल एम रिजवान, पटना रेज के डीआईजी संजीव राज, डिप्टी कमांडेंट जे. एच मंडल, डीसी सौरभ पालित, असिस्टेंड कमांडेंट बीएन मिश्रा, तुलसी दास, राजगीर विधायक रवि ज्योति, विधान पार्षद रीना यदव, नालंदा के डीएम योगेंद्र सिंह, एसपी निलेश कुमार समेत अन्य पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी व कई राजनीतिक दलों के नेता गांव पहुंचे और गार्ड ऑफ ऑनर के बाद पार्थिव शरीर पर पुष्प गुच्छ अर्पित करते हुए वीर सूपत को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में शहीद रौशन कुमार ने वीरता का परिचय देते हुए कुर्बानी देने का काम किया। उन्होंने यह कुर्बानी देश में राष्ट्र के लिए दिया है । उन्होंने अपनी कुर्बानी देकर देश को राष्ट्र को नुकसान नहीं होने दिया । समाज की रक्षा के लिए उन्होंने अपनी कुर्बानी देने का काम किया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और परिजनों को सरकार द्वारा हर संभव मदद करने की बात कही ।


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