मधुमक्खी पालन मे रोजगार के अवसर। डा.रवि प्रकाश

 शहद का  उपयोग हमारे दैनिक जीवन मे बहुत हैं। बाजार  से शहद खरीदने पर ताजा और शुद्ध शहद नहीं मिल पाता। कई जने शहद में गुड/ चीनी आदि मिक्स करके बेच देते है।  मधुमक्खियों के पालन से आपको मोम भी प्राप्त होता है, जिसकी मार्केट में बहुत मांग है।  आप मधुमक्खियों का पालन करके शहद, मोम मौनविष,पराग, गोद आदि ,का अच्छी मात्रा में उत्पादन कर सकते हैं। ये व्यवसाय शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको खूली जगह की आवश्यकता होती है, जहां पर आप मधुमक्खियों के पालन के लिए पेटियां  रख सके।
इसके बाद आपको मधुमक्खियों के रखाव के लिए पेटियां खरीदनी होती है। इन पेटियों में ही मधुमक्खियां आती है।  अपने देश मे  एपिस मेलीफेरा, एपिस फ्लोरिया, एपिस डोरसाटाऔर एपिस इण्डिका मधुमक्खियाँ पायी जाती  है।नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधोगिक विश्व विधालय कुमारगंज फैजाबाद द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र बरासिन सुलतानपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष  डा. रवि प्रकाश मौर्य  ने बताया कि  एपिस मेलीफेरा सबसे ज्यादा शहद बनाने वाली और अंडे देने वाली मधुमक्खी होती है। इसके अलावा इस व्यवसाय के लिए चाकू, रिमूविंग मशीन और शहद एकत्रित करने के लिए ड्रम की आवश्यकता होती है। इसके बाद एक सबसे जरूरी साधन की जरूरत होती है, वो है शहद निकालने के लिए मशीन।
यदि बेरोजगार युवा मधुमक्खी पालन के व्यवसाय कोे एक अच्छे स्तर पर करना चाहते हैं, तो मधुमक्खी पालन के प्रशिक्षण को भी कर सकते हैं। ये प्रशिक्षण करने के बाद आप कई बेहतर तरीके से इस व्यवसाय का संचालन कर सकते है प्रशिक्षण करके एक वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन कर सकते हैं।
 मधुमक्खी पालन के लिए  सबसे बेहतर समय  अक्टूबर से फरवरी का  महीना होता है। कभी भी मधुमक्खी पालन साफ सूथरी जगह पर करना चाहिए। जहां पर फूलों की खेती हो वहां मधुमक्खी पालन का व्यवसाय ज्यादा से ज्यादा चल सकता है क्योंकि मधुमक्खियां जितना फूलों पर जाकर रस लेती है, उतना ही अच्छा शहद हमें प्राप्त होता है। फिर आप पर निर्भर है कि आप उस जगह की सुरक्षा में कितनी सावधानी बरततें हैं।एक पेटी 3500 रुपये के हिसाब से मिल जाती है, जिसमें दस फ्रेम पायी जाती है। एक फ्रेम में 250 से 300 मधुमक्खियां होती है। एक फ्रेम से 200 ग्राम शहद निकल जाता है यानि एक पेटी से आप 2 किलो शहद प्राप्त कर सकते हैं। दस से 15 दिन की अवधि में फिर से मधुक्खियां आपकी फ्रेम को भर देती है, जिसमें आपको शहद बना हुआ मिलता है। तो आप एक महीने में एक पेटी से 4 किलो शहद को प्राप्त कर पायेंगे। मधुमक्खी पालन मे रुची रखने  वाले वेरोजगार नवयुवकों  / नवयुवतियों  ,कृषकों/कृषक महिलाओं  हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र्    बरासिन,पो.कुड़वार सुलतानपुर  द्वारा चार द्विवसीय मधुमक्खी पालन उधमिता विकास पर  प्रशिक्षण कार्यक्रम  दिनांक  3 से 6 अक्टूबर 2018 तक मधुमक्खी पालन  के व्यवहारिक ,तकनीकी ज्ञान हेतु निः शुल्क रखा गया है। जिससे प्रशिक्षणोपरान्त वे आत्म निर्भर हेतु स्वयं   रोजगार कर सके। प्रशिक्षण हेतु ईच्छुक व्यक्ति केन्द्र पर 11.00 बजे पूर्वान्ह से सायं 4 बजे तक कार्य दिवस मे सम्पर्क कर पंजीकरण हेतु आवेदन पत्र 1 अक्टूबर 2018 तक जमाकर स्वीकृति के उपरान्त प्रशिक्षण मे  भाग ले सकते है।  प्रशिक्षणार्थियो की संख्या अधिकतम 30 है।

Post A Comment: