विनय कुमार मिश्र गोरखपुर ब्यूरों।
पूर्वांचल की माटी से जुड़े युवाओं में एक अद्भुत प्रतिभा छुपी हुई है। इस अद्भुत प्रतिभा और क्षमता का सार्थक प्रयोग करते हुए युवाओं के द्वारा नित नए इतिहास लिखे जा रहे हैं ।इसी कड़ी में गोरखपुर से सटे संत कबीर नगर के खलीलाबाद की माटी से एक नौजवान ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा आई हुई भर्ती परीक्षा में नौवां स्थान प्राप्त किया है और खलीलाबाद शहर के दुर्गा नगर के साथ अपने माता और पिता का नाम रोशन करने का कार्य किया है। आपको बताते चलें कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा फूड एंड सेनेटरी इंस्पेक्टर की परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया है और इस परीक्षा के परिणाम में सुमित मिश्रा जो की सतीश चंद्र मिश्रा के पुत्र हैं उन्होंने नौवां स्थान प्राप्त किया है।इस संबंध में सुमित से बातचीत की गई तो उन्होंने अपनी सफलता का संपूर्ण श्रेय अपने पिता सतीश चंद्र मिश्रा माता सीता मिश्रा मामा शेष नाथ पांडेय और अपने प्रिय हितेश त्रिपाठी (पटना सचिवालय) को दिया। सुमित के पिता ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और वह सदैव अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा को प्राथमिकता देते आए हैं। सुमित के मुताबिक उनके पिता का यह सपना था कि सुमित लोक सेवा आयोग अथवा संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा को पास करके कोई अधिकारी बने और क्षेत्र का नाम अपने कार्यों से रोशन करें। यही नहीं पीसीएस अधिकारी सुमित के मामा शेष नाथ पांडेय भी सुमित की प्रेरणा का कारण बने और इसी वजह से तकनीकी शिक्षा लेने के बावजूद सुमित का आकर्षण सरकारी सेवा में सदैव रहा। सुमित की उम्र इस वक्त 28 वर्ष है और उनकी 3 बहने और एक भाई सदैव उनका मनोबल बढ़ाने का कार्य करते रहे हैं। सुमित की शिक्षा दीक्षा सेंट थॉमस इंटर कॉलेज खलीलाबाद से हुई। इसी स्कूली शिक्षा की कड़ी में वह गोरखपुर में भी पढ़े और उसके आगे की पढ़ाई उन्होंने गाजियाबाद से की।सुमित इसके उपरांत डाबर की कंपनी में कार्यरत रहे और प्राइवेट सेक्टर में कार्य करते रहने के बावजूद उनका रुझान सदैव तैयारी की तरफ रहा। इन सभी कड़ियों में सबसे महत्वपूर्ण यह बात है कि सुमित ने कभी भी किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और स्वयं लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी की और परिणाम देकर यह साबित किया कि जहां चाह है वहीं राह है.।सुमित बताते हैं कि पहले ही प्रयास के द्वारा लोक सेवा आयोग के माध्यम से मुझे यह सफलता प्राप्त हुई है और आगामी कई परीक्षाएं बची हुई है जिसमे मुझे उम्मीद है कि मुझे सफलता प्राप्त होगी।इसी के साथ मेरा अंतिम लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग में प्रॉपर पद पाना है जिसके लिए मैं जी तोड़ मेहनत कर रहा हूं।
पूर्वांचल की माटी से जुड़े युवाओं में एक अद्भुत प्रतिभा छुपी हुई है। इस अद्भुत प्रतिभा और क्षमता का सार्थक प्रयोग करते हुए युवाओं के द्वारा नित नए इतिहास लिखे जा रहे हैं ।इसी कड़ी में गोरखपुर से सटे संत कबीर नगर के खलीलाबाद की माटी से एक नौजवान ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा आई हुई भर्ती परीक्षा में नौवां स्थान प्राप्त किया है और खलीलाबाद शहर के दुर्गा नगर के साथ अपने माता और पिता का नाम रोशन करने का कार्य किया है। आपको बताते चलें कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा फूड एंड सेनेटरी इंस्पेक्टर की परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया है और इस परीक्षा के परिणाम में सुमित मिश्रा जो की सतीश चंद्र मिश्रा के पुत्र हैं उन्होंने नौवां स्थान प्राप्त किया है।इस संबंध में सुमित से बातचीत की गई तो उन्होंने अपनी सफलता का संपूर्ण श्रेय अपने पिता सतीश चंद्र मिश्रा माता सीता मिश्रा मामा शेष नाथ पांडेय और अपने प्रिय हितेश त्रिपाठी (पटना सचिवालय) को दिया। सुमित के पिता ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और वह सदैव अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा को प्राथमिकता देते आए हैं। सुमित के मुताबिक उनके पिता का यह सपना था कि सुमित लोक सेवा आयोग अथवा संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा को पास करके कोई अधिकारी बने और क्षेत्र का नाम अपने कार्यों से रोशन करें। यही नहीं पीसीएस अधिकारी सुमित के मामा शेष नाथ पांडेय भी सुमित की प्रेरणा का कारण बने और इसी वजह से तकनीकी शिक्षा लेने के बावजूद सुमित का आकर्षण सरकारी सेवा में सदैव रहा। सुमित की उम्र इस वक्त 28 वर्ष है और उनकी 3 बहने और एक भाई सदैव उनका मनोबल बढ़ाने का कार्य करते रहे हैं। सुमित की शिक्षा दीक्षा सेंट थॉमस इंटर कॉलेज खलीलाबाद से हुई। इसी स्कूली शिक्षा की कड़ी में वह गोरखपुर में भी पढ़े और उसके आगे की पढ़ाई उन्होंने गाजियाबाद से की।सुमित इसके उपरांत डाबर की कंपनी में कार्यरत रहे और प्राइवेट सेक्टर में कार्य करते रहने के बावजूद उनका रुझान सदैव तैयारी की तरफ रहा। इन सभी कड़ियों में सबसे महत्वपूर्ण यह बात है कि सुमित ने कभी भी किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और स्वयं लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी की और परिणाम देकर यह साबित किया कि जहां चाह है वहीं राह है.।सुमित बताते हैं कि पहले ही प्रयास के द्वारा लोक सेवा आयोग के माध्यम से मुझे यह सफलता प्राप्त हुई है और आगामी कई परीक्षाएं बची हुई है जिसमे मुझे उम्मीद है कि मुझे सफलता प्राप्त होगी।इसी के साथ मेरा अंतिम लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग में प्रॉपर पद पाना है जिसके लिए मैं जी तोड़ मेहनत कर रहा हूं।


Post A Comment: