बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंघीया प्रखण्ड में आवास सहायक द्वारा प्रताड़ित करने एवं अवैध उगाही करने की केश करने में लापरवाही बरतने एवं देरी करने के पश्चात आवास सहायक एवं उनके बिचौलिया गुर्गे के द्वारा उक्त शिकायतकर्ता लाभार्थी को दबाब में लाकर की गई शिकायत को वापस लेकर मामले को रफा दफा कर दिया जाता है।बहुत से लोगों को नये आरक्षी अधीक्षक एवम ईमानदार आरक्षी अधीक्षक हरप्रीत कौर को समस्तीपुर जिले का एसपी बनने पर बहुत ही उम्मीद जगी थी कि न्याय मिलेगा परंतु सिंघीया थाना को देखा जाय तो अभी भी थाना अध्यक्ष पुराने ढांचे पर ही चल रहे हैं जिस कारण पीड़ित को न्याय नही मिल रही है।
वाकई में देखा जाय तो वारी पंचायत के आवास सहायक भारतेंदु भूषण जो बराबर ही अवैध शराव का सेवन करता रहता है तथा नसे की हालात मे लाभार्थी के साथ पीएम आवास में लाभार्थी के साथ अवैध उगाही व दुर्व्यवहार भी किया करता है, इसकी पकड़ एवम पहुंच पहचान इतनी ऊपर तक है जिस कारण लगाए गये सभी मामले एक चुटकी में रफा दफा हो जाती है जैसे कि आपको बता रहा हूँ कि इसी प्रखण्ड के विष्णुपुर डीहा पंचायत में लाभर्ती से 20से25हजार घुस लेने की स्टिंग स्थानीय जनप्रतिनिधि सरपंच दुर्गानंद चौपाल द्वारा की गई थी जिसमे वे खुलम खुला बोल रहा है कि इस घुस की राशि मे नीचे से ऊपर तक के अधिकारी को भी देना पड़ता है डीएम सीएम तक सभी को जिम्मेबार बताया था, जिसकी खबर पी न्यूज़ समेत कई चैनल पर चला था वावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नही की गई सिर्फ बिष्णुपुर डीहा पंचायत से हटाकर वारी पंचायत में पोस्टिंग कर दिया गया था।विदित है कि एक सप्ताह से पूर्व एक लाभार्थी पवन मुखिया के पत्नी इन्दु देवी द्वारा स्थानीय थाने में शिकायत करने के वावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नही की गई।इस संदर्भ में थाना अध्यक्ष संजय कुमार सिंह से पूछे जाने पर बताया गया कि हम कुछ नही कर सकते बीडीओ के द्वारा ही करवाई की जायेगी।दूसरी तरफ वारी के ही विभा देवी द्वारा 7हजार अवैध राशि लेने और शेष बचे 8हजार नही दिए जाने पर धक्का मारने पर चोंटील होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिंघीया में इलाज कराने की शिकायत करने के वावजूद पुलिस द्वारा कार्रवाई करने में शिथिलता बरतने पर मामले का रफा दफा कर दी गई।

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