ध्वस्त हो रही नगरनिगम की सफाई व्यवस्था।
नगर निगम गोरखपुर के पीजीआर सिस्टम , शिकायत प्रकोष्ठ से लगाये स्वक्ष भारत में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद नहीं हुई कार्यवाही।
मण्डलायुक्त ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।

विनय कुमार मिश्र गोरखपुर ब्यूरों।
नगर निगम का मुख्य कार्य जनता की जीवन स्तर सुधार हेतु जन सुविधाओं को विकसित करना और उसे समुचित स्तर पर बनाये रखना है। इस हेतु विभिन्न जन सुविधाओं यथा सफाई, पेयजल, वि-संक्रमण, जल निकासी, पथ प्रकाश एवं सड़क सुधार जैसे महत्वपूर्ण कार्य नगर के विभिन्न अंचलों में सम्पादित होते हैं, उसके रख-रखाव एवं स्तर बनाए रखने के बारे में जनता से संवाद बनाये रखने और उस पर त्वरित कार्यवाही हेतु एक ऐसा तंत्र विकसित किया जाना आवश्यक है, जो पूर्ण क्षमता के साथ स्वतः कार्य करे। इसी उद्देश्य से जन सम्पर्क व्यवस्था ई-गवर्नेंस के माध्यम से विकसित की जा रही है, जिसके अन्तर्गत नगर के विभिन्न जन सेवा केन्द्रों, दूरभाष, इण्टरनेट एवं काल सेंटर के माध्यम से जन शिकायतें प्राप्त करने की व्यवस्था की जा रही है और इण्टरनेट एवं नेटवर्किंग के जरिये तुरंत सम्बन्धित विभागों को जन शिकायतें पहुँचायी जायेगीं एवं तत्समय उनका निवारण करके जन शिकायत के बारे में समुचित जानकारी इण्टरनेट पर उपलब्ध करा दी जायेगी, जिससे शिकायतकर्ता अपनी शिकायत के बारे में प्रगति की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे लेकिन ये सभी दलीलें कागजों में सिमट कर दम तोड़ दे रही है। महानगर के अलीनगर वार्ड संख्या 61 में अलीनगर चौराहे से महज़ 10 कदम उत्तर तरंग रोड पर विगत दो सप्ताह से कूड़े का ढेर और मालवा पड़ा हुआ है , शहर का मुख्य मार्ग होने के कारण आवागमन में बाधा पहुंच रही है तथा संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका से क्षेत्रवासियों में बेहद आक्रोश व्याप्त है। इतना ही नही कूड़े व मलवे का यह ढेर एक मकान के प्रवेश द्वार को ही बाधित कर रहा* है। सफाई कर्मियों से लेकर नगर निगम गोरखपुर के पीजीआर सिस्टम , शिकायत प्रकोष्ठ से लगाये स्वक्ष भारत एप में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद  कार्यवाही नहीं हुई।
बहरहाल शीघ्र कार्यवाही नहीं होने पर क्षेत्रवासी नगर आयुक्त, मंडलायुक्त और शासन से  शिकायत करेंगें।
इस तरह की गंभीर स्थितियों को देखते हुए शुक्रवार 5 अक्टूबर को मण्डलायुक्त ने कलेक्ट्रेट सभागार में शहर की सफाई व्यवस्था संबंधी आयोजित बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई तथा नगरनिगम के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि महानगर की सफाई व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए अगर कही भी गंदगी पायी गयी तो संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। उन्होेंने नगरनिगम के अधिकारी को कड़े निर्देश दिये कि सफाई संबंधी संसाधन पर्याप्त रूप से उपलब्ध होना चाहिए, यदि संसाधन की कमी पायी गयी तो संबंधित अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए कार्यवाही की जायेगी।  प्रत्येक पड़ाव पर एक सफाई कर्मी की डियूटी भी लगायें और जगह जगह डस्टबीन रखा जाये और उसकी सफाई भी सुनिश्चित किया जाये।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी वार्डों के सुपरवाइजरों को निर्देश दिये कि प्रत्येक वार्ड में बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाये इसमें किसी प्रकार लापरवाही नही होनी चाहिए

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