बहराइच 
। वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा किये जाने के उद्देश्य से कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग बहराइच व विश्व प्रकृति निधि (डब्लूडब्लूएफ) के संयुक्त तत्वावधान में 01 से 07 अक्टूबर तक आयोजित वन्य प्राणी सप्ताह के समापन अवसर पर ईको पर्यटन परिसर कतर्नियाघाट स्थित गेरूवा नेचर इण्टरप्रिटेशन सेन्टर में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभागीय वनाधिकारी ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों के कारण मानव एवं वन्यजीवों के बीच संघर्ष की घटनाओं में काफी कमी आयी है। उन्होंने कहा कि विभाग व अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रयासों के कारण बड़ी संख्या में वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण के लिए आगे आ रहे हैं। 
 डीएफओ श्री सिंह ने कहा कि वन क्षेत्र में एसएसबी तथा स्पेशल टाईगर प्रोटेक्शन फोर्स की तैनाती का भी व्यापक असर हुआ है। उन्होंने कहा कि इन्फोर्समेन्ट एजेन्सियों की तैनाती के बाद से वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण के स्तर में सुधार होने से जंगली जानवरों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन के अस्तित्व के लिए पूरे पारिस्थिति तन्त्र को बचाया जाना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण के लिए चींटी से लेकर हाथी तक के महत्व से इंकार नहीं किया जा सकता है। शुद्ध आक्सीजन प्राप्त होने के सबसे बड़े स्रोत वृक्षों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए श्री सिंह ने लोगों से अपील की कि बच्चों के जन्म दिन पर कम से कम एक पौधा अवश्य रोपित करें।
डीएफओ श्री सिंह ने कहा कि देश व प्रदेश के वन क्षेत्रों में इज़ाफा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुखिया की पहल सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में स्वतन्त्रता दिवस के अवसर करोड़ों की संख्या में पौधरोपण का कार्यक्रम संचालित किया गया है। कतर्नियाघाट पर्यटन के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना सके इसके लिए सरकार की ओर ईको पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किये गये हैं। श्री सिंह ने लोगों का आहवान्ह किया कि वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण और संवर्द्धन में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें। 
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डब्लूडब्लूएफ के वरिष्ट परियोजना अधिकारी दबीर हसन ने कहा कि वन एवं वन्य जीवों का संरक्षण एवं संवर्द्धन हम सब की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा जन सहयोग के बिना वन एवं जीवों का संरक्षण किसी एक विभाग या एजेन्सी के बस का नहीं है। उन्होंने कहा कि वन और वन्यजीवों के संरक्षण में सभी इन्फोर्समेन्ट विभाग के साथ-साथ संरक्षित वन क्षेत्रों के आस-पास बसने वाले लोगों की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि जागरूकता से सम्बन्धित ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से लोगों की सोच में बदलाव आता है। जिससे वन एवं वन्य जीवों के सरंक्षण में सहयोग मिलता है।
वन्य जीव प्रतिपालक गिरिजापुरी यशवन्त  ने कहा कि वन एवं वन्य जीवों के सरंक्षण में ऐसे कार्यक्रमों की उपयोगिता अत्यन्त सराहनीय है। उन्होंने आमजन का आवान्ह किया कि वन्य प्राणी सप्ताह के अवसर पर वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लें। समापन समारोह का मुख्य आकर्षण छात्र-छात्राओं के बीच क्विज प्रतियोगिता रही। जिसमें द् तराई एजूकेशन अकादमी आम्बा, वनांन्चल विद्यालय बिछिया बाज़ार, शारदा सहायक परियोजना इण्टर कालेज गिरिजापुरी व बप्पा जी गल्र्स इण्टर कालेज चफरिया के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। 
कार्यक्रम का संचालन वन क्षेत्राधिकारी कतर्नियाघाट पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय वनाधिकारी ककरहा महेंन्द्र मौर्य, मोतीपुर के खुर्शीद आलम, सुजौली क प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, निशानगाढ़ा के दया शंकर सिंह, धर्मापुर  व मुर्तिहा के रमा शंकर सिंह, कतर्नियाघाट फ्रेन्ड्स क्लब के भगवानदास लखमानी, एसओएस टाईगर के फैज़ मोहम्मद खान सहित बड़ी संख्या में वनकर्मी, स्कूली छात्र-छात्राएं, शिक्षक-शिक्षिकाएं, ईडीसी पदाधिकारी तथा वन्यजीव प्रेमी मौजूद रहे।  

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