गोरखनाथ मंदिर जा रहीं थे बीटीसी अभ्यर्थी , पुलिस ने रोका
गोरखपुर ब्यूरों। बीटीसी 2015 के चतुर्थ सेमेस्टेर की परीक्षाएं रद्द होने के बाद अभ्यर्थी खासे नाराज हैं। बुधवार को बीटीसी छात्र-छात्राएं पूरे मामले को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने गोरखनाथ मंदिर जा रहे थे। इनमें छात्राओं की काफी संख्या थी। लिहाजा हुजूम देखने के बाद पुलिस ने इन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो बाद में पानी की बौछार डालकर बीटीसी छात्राओं की भीड़ को पुलिस ने तितर बितर कर दिया। पुलिस के इस व्यवहार से छात्राएं काफी नाराज हैं। उनका कहना है कि यह कहीं से उचित नहीं था। जब बीटीसी अभ्यर्थियों को पुलिस गोरखनाथ मंदिर ले जाने के लिए तैयार हुई तो उस वक्त सभी ने कह दिया कि वह एक साथ सीएम से मिलना चाहते हैं जबकि पुलिस कुछ लोगों को मंदिर जाने की इजाजत दे रही थी। खैर, काफी हंगामे के बाद बीटीसी अभ्यर्थियों को धर्मशाला पुल के आसपास रोका जा सका। मालूम हो कि बीटीसी 2015 बैच के चतुर्थ सेमेस्टेर का पेपर आउट हो गया है। इस वजह से 8 से 10 अक्टूबर के बीच होने वाली परीक्षा निरस्त कर दी गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे उनका भविष्य अधर में आ गया है। उनका कहना है कि यदि 16 अक्टूबर से परीक्षाएं नहीं हुईं तो आगामी परीक्षा भर्ती में बीटीसी 2015 बैच का एक भी अभ्यर्थी हिस्सा नहीं ले पाएगा। यही कारण है कि सभी अभ्यर्थी जल्दी से परीक्षा चाहते हैं। उनका कहना है कि पेपर लीक उनकी वजह से नहीं हुआ है। यह प्रशासनिक कमजोरी है। इसकी सजा उन्हें क्यों दी जा रही। समय से परीक्षा नहीं हुई तो नवंबर में होने वाली टेट परीक्षा में भी बैठने से वे वंचित रह जाएंगे। इस तरह भविष्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। इन्हीं सब मांगों को लेकर बुधवार बीटीसी छात्र-छात्राएं सीएम के गोरखपुर आने की सूचना पर गोरखनाथ मंदिर को कूच कर रहे थे लेकिन भीड़ देखते हुए पुलिस ने उन्हें धर्मशाला के आसपास ही रोक लिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे सीएम से मुलाकात कर परीक्षा शीघ्र कराने की मांग करते, लेकिन पुलिस ने उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया।

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