डीएम की अध्यक्षता में आयोजित हुई जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी
बहराइच 01 जुलाई। जनपद के कृषकों को कृषि एवं सम्बद्ध विभागों द्वारा संचालित योजनाओं तथा वर्तमान खरीफ 2019-20 की तैयारी के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शम्भु कुमार की अध्यक्षता में कृषि विज्ञान केन्द्र, बहराइच के परिसर में आत्मा योजनान्तर्गत जनपद स्तरीय एक दिवसीय कृषि मेला एवं खरीफ खाद्यान्न उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी श्री कुमार ने फीता काटकर गोष्ठी का उद्घाटन किया तथा राजकीय कृषि बीज भण्डार डीहा, चित्तौरा, कृषि रक्षा सेवा, उद्यान एवं खाद्य प्रंसस्रण, मत्स्य, पशु पालन, गन्ना, रेशम व अन्य विभागों, त्रिमूर्ति प्लांट साईजेज धनसरी डिस्ट्रीब्यूटर प्रा. लि., इण्डियन फारमर्स फर्टी लाइजर कोआपरेटिव लि. व आदि प्रतिष्ठानों द्वारा लगाये गये प्रदर्शनी पण्डालो का निरीक्षण किया।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि खरीफ उत्पादन गोष्ठी का उद्देश्य है कि किसानों को कृषि क्षेत्र में विकसित नई-नई तकनीकीयों की जानकारी दी जाए और उन्हें खेती के ऐसे तरीके बताये जाये जिससे उनकी लागत में कमी और अधिक उत्पादन प्राप्त हो जिससे किसानों की आय दो गुनी हो सके। उन्होने कहा कि किसानों की आय में बढ़ोत्तरी हो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा एक महत्वपूर्ण योजना किसान सम्मान निधि शुरू किया गया है ताकि किसानों को आर्थिक रूप से मदद की जा सके। जिससे वे किसानी की अपनी जरूरतें पूरी कर सके।
उन्होने कहा कि छुट्टा जानवरो की समस्या को मुख्यमंत्री ने गम्भीरता से लिया है। उन्होने निर्देश दिया है कि अस्थायी गो आश्रय स्थल बनवाकर छुट्टा पशुओं को रखा जाए। इस सम्बंध मे ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए गये है कि निराश्रित जानवरों को पकड़वाकर पास के गौ आश्रय स्थल में पहुंचाए। श्री कुमार ने बताया कि जनपद में लगभग 60 गो स्थल संचालित किए जा रहे है जिसमें लगभग 4500 पशुओं को रखा गया है। उन्होने बताया कि सरकार द्वारा प्रति पशु को 30 रू. की दर से चारा आदि की व्यवस्था के लिए दिया जा रहा है। उन्होने किसानों से अपील की कि अपने गांव के गो आश्रय स्थल संचालन में सहयोग करें, तथा सहयोग के लिए भूसा आदि दान भी करे।
उन्होने कहा कि जनपद गन्ना, रेशम, केला उत्पादन के क्षेत्र में जाना जाता है। एक जनपद एक उत्पाद योजना में रेशम को चिन्हित कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान का सार्थक प्रयास किया गया है जिसका सकारात्मक परिणाम आया है। केले की खेती को बढ़ावा देने के लिए सीएसआर बेस पर टीसू कल्चर को बढ़ावा देने प्रयास किया जा रहा है। उन्होने किसानो से अधिक से अधिक वृक्ष लगाये जाने की अपील की।
खरीफ उत्पादन गोष्ठी एवं किसान मेला के दौरान उपनिदेशक कृषि आर. के ंिसंह ने कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। जबकि कृषि वैज्ञानिक केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को तकनीकी जानकारी प्रदान की गयी। किसान मेला को विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, हिन्दु युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजदेव सिंह,प्रगतिशील कृषक हनुमान प्रसाद शर्मा, शक्तिनाथ सिंह, शिवशंकर सिंह सहित अन्य लोगों ने भी सम्बोधित किया। खरीफ उत्पादन गोष्ठी एवं किसान मेला का संचालन कृषि रक्षा निरीक्षक भाल चन्द्र त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर कृषि तथा कृषि विकास से सम्बन्धित विभागों के अधिकारी, अधिकारी, कृषक व अन्य लोग मौजूद रहे।
बहराइच 01 जुलाई। जनपद के कृषकों को कृषि एवं सम्बद्ध विभागों द्वारा संचालित योजनाओं तथा वर्तमान खरीफ 2019-20 की तैयारी के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शम्भु कुमार की अध्यक्षता में कृषि विज्ञान केन्द्र, बहराइच के परिसर में आत्मा योजनान्तर्गत जनपद स्तरीय एक दिवसीय कृषि मेला एवं खरीफ खाद्यान्न उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी श्री कुमार ने फीता काटकर गोष्ठी का उद्घाटन किया तथा राजकीय कृषि बीज भण्डार डीहा, चित्तौरा, कृषि रक्षा सेवा, उद्यान एवं खाद्य प्रंसस्रण, मत्स्य, पशु पालन, गन्ना, रेशम व अन्य विभागों, त्रिमूर्ति प्लांट साईजेज धनसरी डिस्ट्रीब्यूटर प्रा. लि., इण्डियन फारमर्स फर्टी लाइजर कोआपरेटिव लि. व आदि प्रतिष्ठानों द्वारा लगाये गये प्रदर्शनी पण्डालो का निरीक्षण किया।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि खरीफ उत्पादन गोष्ठी का उद्देश्य है कि किसानों को कृषि क्षेत्र में विकसित नई-नई तकनीकीयों की जानकारी दी जाए और उन्हें खेती के ऐसे तरीके बताये जाये जिससे उनकी लागत में कमी और अधिक उत्पादन प्राप्त हो जिससे किसानों की आय दो गुनी हो सके। उन्होने कहा कि किसानों की आय में बढ़ोत्तरी हो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा एक महत्वपूर्ण योजना किसान सम्मान निधि शुरू किया गया है ताकि किसानों को आर्थिक रूप से मदद की जा सके। जिससे वे किसानी की अपनी जरूरतें पूरी कर सके।
उन्होने कहा कि छुट्टा जानवरो की समस्या को मुख्यमंत्री ने गम्भीरता से लिया है। उन्होने निर्देश दिया है कि अस्थायी गो आश्रय स्थल बनवाकर छुट्टा पशुओं को रखा जाए। इस सम्बंध मे ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए गये है कि निराश्रित जानवरों को पकड़वाकर पास के गौ आश्रय स्थल में पहुंचाए। श्री कुमार ने बताया कि जनपद में लगभग 60 गो स्थल संचालित किए जा रहे है जिसमें लगभग 4500 पशुओं को रखा गया है। उन्होने बताया कि सरकार द्वारा प्रति पशु को 30 रू. की दर से चारा आदि की व्यवस्था के लिए दिया जा रहा है। उन्होने किसानों से अपील की कि अपने गांव के गो आश्रय स्थल संचालन में सहयोग करें, तथा सहयोग के लिए भूसा आदि दान भी करे।
उन्होने कहा कि जनपद गन्ना, रेशम, केला उत्पादन के क्षेत्र में जाना जाता है। एक जनपद एक उत्पाद योजना में रेशम को चिन्हित कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान का सार्थक प्रयास किया गया है जिसका सकारात्मक परिणाम आया है। केले की खेती को बढ़ावा देने के लिए सीएसआर बेस पर टीसू कल्चर को बढ़ावा देने प्रयास किया जा रहा है। उन्होने किसानो से अधिक से अधिक वृक्ष लगाये जाने की अपील की।
खरीफ उत्पादन गोष्ठी एवं किसान मेला के दौरान उपनिदेशक कृषि आर. के ंिसंह ने कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। जबकि कृषि वैज्ञानिक केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को तकनीकी जानकारी प्रदान की गयी। किसान मेला को विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, हिन्दु युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजदेव सिंह,प्रगतिशील कृषक हनुमान प्रसाद शर्मा, शक्तिनाथ सिंह, शिवशंकर सिंह सहित अन्य लोगों ने भी सम्बोधित किया। खरीफ उत्पादन गोष्ठी एवं किसान मेला का संचालन कृषि रक्षा निरीक्षक भाल चन्द्र त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर कृषि तथा कृषि विकास से सम्बन्धित विभागों के अधिकारी, अधिकारी, कृषक व अन्य लोग मौजूद रहे।


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