प्रधानमंत्री आवास में हेराफेरी प्रशासन नहीं देता ध्यान l
जनपद बहराइच के विकासखंड कैसरगंज की ग्राम पंचायत महोली में पात्र लोगों को आवास ना देकर ग्राम प्रधान अपने सगे संबंधियों एवं अपने लोगों को दे रहे हैं लाभ l इसी संबंध में एक पात्र व्यक्त प्रेमा देवी पत्नी बुद्धि लाल ग्राम पंचायत महोली का है जिसका घर फूस का है कुछ कच्ची दीवारें थी पर वह पिछले महीने हुई मूसलाधार बारिश की वजह से गिर गई है जिससे प्रार्थी झुग्गी झोपड़ी में रहने को मजबूर है लिहाजा प्रधानमंत्री आवास सूची में नाम होने एवं स्वयं को पात्र मानते हुए अपने आप में प्रधानमंत्री आवास योजना पाने की उम्मीद लगाए बैठा था कि महीने 2 महीने में आवास का पैसा मिलने पर उसका भी एक पक्का मकान होगा लेकिन गांव की तुच्छ राजनीति एवं आपसी मतभेद होने के कारण प्रार्थी के दो भाइयों द्वारा मेहनत मजदूरी करके बनाया गया एक एक कमरे का मकान को प्रधान द्वारा लाभार्थी का मकान बता कर लाभार्थी को अपात्र घोषित कर दिया गया एवं क्रमांक संख्या को लांगते हुए तमाम पात्र व अपात्र व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास दे दिया गया एक प्रार्थी प्रेमा देवी पत्नी बुद्धि लाल के पास मात्र डेढ़ बीघा जमीन है और घर के नाम पर सिर्फ झोपड़ी है जिसको आवास का लाभ नहीं मिल सका जिसकी शिकायत शासन से लेकर डीएम एवं खंड विकास अधिकारी तक की गई है लेकिन महीनों गुजर जाने के बाद भी प्रार्थी के कथन अनुसार अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है और आज भी प्रधान द्वारा यही कहा जा रहा है कि हम प्रधान हैं जो करेंगे वही होगा कंप्लेन करते रहो कुछ नहीं कर पाओगे l ऐसे पहुंचती हैं सरकार की गरीबों तक महत्वाकांक्षी योजनाएं यह मात्र एक बानगी है
जनपद बहराइच के विकासखंड कैसरगंज की ग्राम पंचायत महोली में पात्र लोगों को आवास ना देकर ग्राम प्रधान अपने सगे संबंधियों एवं अपने लोगों को दे रहे हैं लाभ l इसी संबंध में एक पात्र व्यक्त प्रेमा देवी पत्नी बुद्धि लाल ग्राम पंचायत महोली का है जिसका घर फूस का है कुछ कच्ची दीवारें थी पर वह पिछले महीने हुई मूसलाधार बारिश की वजह से गिर गई है जिससे प्रार्थी झुग्गी झोपड़ी में रहने को मजबूर है लिहाजा प्रधानमंत्री आवास सूची में नाम होने एवं स्वयं को पात्र मानते हुए अपने आप में प्रधानमंत्री आवास योजना पाने की उम्मीद लगाए बैठा था कि महीने 2 महीने में आवास का पैसा मिलने पर उसका भी एक पक्का मकान होगा लेकिन गांव की तुच्छ राजनीति एवं आपसी मतभेद होने के कारण प्रार्थी के दो भाइयों द्वारा मेहनत मजदूरी करके बनाया गया एक एक कमरे का मकान को प्रधान द्वारा लाभार्थी का मकान बता कर लाभार्थी को अपात्र घोषित कर दिया गया एवं क्रमांक संख्या को लांगते हुए तमाम पात्र व अपात्र व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास दे दिया गया एक प्रार्थी प्रेमा देवी पत्नी बुद्धि लाल के पास मात्र डेढ़ बीघा जमीन है और घर के नाम पर सिर्फ झोपड़ी है जिसको आवास का लाभ नहीं मिल सका जिसकी शिकायत शासन से लेकर डीएम एवं खंड विकास अधिकारी तक की गई है लेकिन महीनों गुजर जाने के बाद भी प्रार्थी के कथन अनुसार अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है और आज भी प्रधान द्वारा यही कहा जा रहा है कि हम प्रधान हैं जो करेंगे वही होगा कंप्लेन करते रहो कुछ नहीं कर पाओगे l ऐसे पहुंचती हैं सरकार की गरीबों तक महत्वाकांक्षी योजनाएं यह मात्र एक बानगी है


Post A Comment: