सरहद के अंतिम छोर की गांव-ढाणियों पहुँचा जापानी दल, जांची पेयजल की गुणवत्ता
बाड़मेर
सरहदी बाड़मेर में अंतिम छोर पर बसे गाँवो ढाणियों में पेयजल के हालातों का जायजा लेने जापान से एक दल अपनी दो दिवसीय यात्रा पर बाड़मेर पहुँचा। बाड़मेर में इस दल ने डेढ़ दर्जन से अधिक गाँवो का दौरा कर पेयजल की गुणवत्ता को जांचा। जापान से आये जायका के दल में मिसतो ताकाहासी, केनिचीरों लवाहोरी, कनिष्क लाठ ने अपने दल के साथ सिणधरी, गुड़ामालानी, धोरीमन्ना, चौहटन और बाड़मेर के कई इलाकों का दौरा किया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता ओ पी व्यास ने बताया कि बाड़मेर के कई इलाकों में भूजल पेयजल के गुणवत्ता पैमानों से कही ज्यादा खराब है और सरकार लोगो को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के प्रति कटिबद्ध है उसी क्रम में विभिन्न पेयजल योजनाओं के लिए अलग अलग जगहों से वित्तिय सहायता के लिए प्रयास किये जाते रहे है उसी क्रम में जापान के जायका प्रोजेक्ट के दल ने इलाके में दो दिन रहकर पानी के हालातों को जांचा और यहाँ के लोगो से बातचीत की। जापान का यह दल अपनी रिपोर्ट को जापान सरकार को सौंपेंगे। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगामी दिनों में सरहदी बाड़मेर में कई पेयजल परियोजनाओं का आधार जापान की वित्तीय मदद बन सकती है। जापान के जायका ट्रस्ट के दल के साथ अधिशासी अभियंता चौहटन परियोजना एच एम सुथार, गुड़ामालानी परियोजना लिछूराम, दक्षिण खण्ड भरत सिंह, डब्ल्यू एस एस ओ आई ई सी कंस्लन्टेन्ट अशोक सिंह मौजूद रहे।

इन गाँवो का किया दौरा, ली ग्रामीण चौपाल
बाड़मेर
जापान से आये जायका के दल ने जोधपुर से रवाना होने के बाद पायला, सड़ा, भाटाला, गुड़ामालानी, धिमडा, गांधव, अरणियाली, धोरीमन्ना, बामणोर, नेहरो की ढाणी, नेतराड़, पोकरासर समेत डेढ़ दर्जन गाँवो और ढाणियों का दौरा किया।इस दौरान बामणोर स्थित विद्यालय परिसर में ग्रामीण चौपाल का आयोजन किया गया। उसमें जापान से आए जायका ट्रस्ट के जापानी दल ने ग्रामीणों से इलाके में पेयजल की स्थिति, गुणवत्ता एवं गिरते जल स्तर पर चर्चा की। टीम ने पानी में बढ़ते फ्लोराइड से होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही अनेक लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और परामर्श दिया। इस चौपाल में बामणोर सरपंच सैय्यद गुलाम शाह समेत कई ग्रामीणों ने जापान से आई टीम का स्वागत भी किया।

Post A Comment: