शंकर दयाल शर्मा की रिपोर्ट - जिले में संभावित सुखाड़ एवं जनजीवन हरियाली को लेकर जिला के प्रभारी मंत्री -सह- ग्रामीण कार्य विभाग मंत्री शैलेश कुमार की अध्यक्षता में बिहार शरीफ के समाहरणालय स्थित शहीद हरदेव भवन के सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया | बैठक में जिला के प्रभारी सचिव अनुपम कुमार, सांसद एवं विधायक ने हिस्सा लिया | वर्षापात की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई कि जून माह से आज तक सामान्य से लगभग 60 प्रतिशत कम वर्षापात हुई है।पुराने खराब हो चुके चापाकल, जिनकी मरम्मती संभव नहीं है उनको पीएचईडी द्वारा हटाया जा रहा है। ऐसे किसी भी चापाकल को हटाने से पूर्व उसी स्थल पर अनिवार्य रूप से नया चापाकल लगाने का निर्देश दिया गया। पीएचईडी के अलावा किसी अन्य एजेंसी द्वारा लगाए गए चापाकलों का मेंटेनेंस भी पीएचईडी को ही सुनिश्चित करने का निर्देश प्रभारी सचिव ने दिया। जिला में ऐसे लगभग 6000 चापाकल हैं जो अन्य एजेंसी के द्वारा लगाए गए हैं। पीएचइडी द्वारा जिला में कुल 15856 चापाकल लगाए गए हैं जिनमें से 14662 चापाकल कार्यरत अवस्था में हैं।जिला में पंचायती राज विभाग द्वारा लगभग 5400 कुओं को चिन्हित किया गया है। पीएचईडी द्वारा कुआं की उड़ाही कर उसको पुनर्जीवित किया जा रहा है। अब तक 43 कुओं की उड़ाही पीएचइडी द्वारा की गई है।प्रभारी मंत्री द्वारा अप्रैल माह से अब तक विभिन्न प्रखंडों के वाटर टेबल की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। सभी प्रखंडों में वाटर टेबल 30 फीट से अधिक गहराई पर है।सात निश्चय के तहत हर घर नल का जल योजना के तहत पंचायतों द्वारा 2097 वार्ड में कार्य किया जाना है, जिसमें से अब तक 1586 वार्ड में कार्य पूर्ण किया गया है। पीएचईडी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 1260 वार्ड में कार्य किया जाना है, जिसमें से 406 वार्ड में कार्य पूर्ण किया गया है। प्रभारी मंत्री ने सभी कार्य पूर्ण वार्ड में योजना के वस्तु स्थिति की जांच सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। पंचायतों द्वारा क्रियान्वित वार्ड में छोटी मोटी मरम्मत का कार्य अविलंब हो जाए, इसके लिए जिला पंचायती राज पदाधिकारी को कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। नगर परिषद हिलसा में 7 वार्ड तथा नगर पंचायत इस्लामपुर 4 वार्ड में नल जल योजना का कार्य पूर्ण किया गया है, जिसकी जांच प्रखंड के वरीय पदाधिकारी के माध्यम से कराने का निर्देश दिया गया।कृषि के वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि 3 अगस्त तक जिला में निर्धारित लक्ष्य (128000 हेक्टेयर) के विरुद्ध 27.25 प्रतिशत (34875 हेक्टेयर) धान की रोपनी हो सकी है। जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर प्रभारी मंत्री ने धान के आच्छादन का भौतिक सत्यापन वरीय पदाधिकारियों के माध्यम से सुनिश्चित कराने को कहा।खरीफ मौसम 2019 के डीजल अनुदान के लिए 1 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किया जा रहा है। अब तक 1038 आवेदन प्राप्त हो चुका है। सभी आवेदनों का त्वरित भौतिक सत्यापन कर नियमानुसार डीजल अनुदान का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।संभावित सुखाड़ की स्थिति में आकस्मिक फसल योजना के तहत लगभग 35000 हेक्टेयर के लिए विभिन्न प्रकार के फसलों के बीज की उपलब्धता के लिए डिमांड विभाग को भेजा गया है। इस पर प्रभारी सचिव ने फसल आच्छादन की वास्तविक स्थिति के आधार पर आकस्मिक फसल योजना के लिए संशोधित आकलन कर डिमांड भेजने का निर्देश दिया। समय से बीज प्राप्त हो तथा किसानों के बीच वितरित हो, इसे सुनिश्चित करने का निर्देश जिला कृषि पदाधिकारी को दिया गया।प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत जिला में कुल 132134 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कृषि समन्वयक के स्तर पर 122677 आवेदन स्वीकृत तथा 8306 आवेदन अस्वीकृत किए गए। अंचलाधिकारी के स्तर पर 3131 आवेदन अस्वीकृत किया गया। अपर समाहर्ता के स्तर से 118108 आवेदन स्वीकृत कर भुगतान हेतु अग्रसारित किया गया। सभी कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकारों को लगातार फील्ड में कैंप कर किसानों से संवाद करने का निर्देश दिया गया। अधिक से अधिक किसानों को उपयुक्त योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो, इसके लिए कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।खरीफ मौसम 2019 के लिए बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत किसानों का ऑनलाइन निबंधन किया जा रहा है। जिला के 38935 किसानों द्वारा अब तक ऑनलाइन निबंधन कराया जा चुका है।पंचायत स्तर पर किए जाने वाले फसल कटनी का डाटा संकलन करते समय सभी जनप्रतिनिधियों को अवश्य रूप से जानकारी दी जाए ताकि उनकी उपस्थिति में वास्तविक स्थिति के अनुरूप डाटा संकलन हो सके।एग्रीकल्चर फीडर के लिए 20 में से 16 फीडर का कार्य किया जा चुका है, शेष चार फीडर का कार्य प्रगति पर है। इसके तहत 2355 ट्रांसफार्मर लगाने के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 1072 ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं। विभिन्न कैंप के माध्यम से अब तक 1901 किसानों को विद्युत कनेक्शन दिया जा चुका है। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर तेजी से पूर्ण करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता को दिया गया। अगर संवेदक के स्तर से शिथिलता बरती जा रही है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।लघु सिंचाई विभाग द्वारा सभी राजकीय नलकूपों को संचालन के लिए पंचायतों को हस्तगत कराया गया है। विभाग द्वारा 89 नलकूपों की मरम्मती के लिए राशि संबंधित मुखिया को उपलब्ध कराई जा चुकी है, इनमें से मात्र 5 नलकूप मरम्मती के उपरांत कार्यरत हो पाए हैं। प्रभारी मंत्री ने सभी नलकूपों की मरम्मती संबंधित मुखिया के माध्यम से सुनिश्चित कराने के लिए जिला पदाधिकारी को कार्रवाई करने को कहा।
जल जीवन हरियाली मिशन के तहत सभी जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त एवं संरक्षित करने के लिए चिन्हित किया जा रहा है। कुआं को भी चिन्हित किया गया है तथा इसके जीर्णोद्धार की कार्रवाई भी पीएचईडी द्वारा की जा रही है। सभी कुआं, नलकूप, चापाकल के पास भूजल को रिचार्ज करने के लिए सोख्ता का निर्माण किया जा रहा है।तालाबों के जिर्णोद्धार के लिए भी मनरेगा एवं अन्य विभागों के स्तर से कार्रवाई की जा रही है। ऐसे सभी तालाबों को चिन्हित किया गया है। सभी जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में गलियों में पीसीसी ढलाई की जगह ईट सोलिंग या पेवर्ड टाइल्स लगाने का सुझाव दिया, ताकि भूजल का रिचार्ज हो सके। जल की बर्बादी रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने को कहा गया इसमें जनप्रतिनिधिगण भी सहयोग करेंगे।जिला की सभी नदियों के गाद की सफाई तथा उपयुक्त स्थानों पर अधिक से अधिक संख्या में चेक डैम बनाने के लिए कार्रवाई करने का अनुरोध जनप्रतिनिधिगण द्वारा किया गया।बैठक प्रारंभ होने से पूर्व जिलाधिकारी ने ने प्रभारी मंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं प्रभारी सचिव को एक-एक पौधा भेंट किया। बैठक में प्रभारी सचिव अनुपम कुमार, नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार,हरनौत के विधायक हरिनारायण सिंह ,इस्लामपुर के विधायक चन्द्रसेन प्रसाद ,हिलसा शक्ति यादव ,अस्थावां के विधायक डॉ जीतेंद्र कुमार ,राजगीर के विधायक रवि ज्योति। विधान पार्षद हीरा बिन्द, महापौर वीणा कुमारी , जिला परिषद अध्यक्ष, डीएम योगेंद्र सिंह,पुलिस अधीक्षक नीलेश कुमार , नगर आयुक्त सौरभ जोरबाल, उप विकास आयुक्त राकेश कुमार , वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी मौजूद थे ।


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